Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.82.68-69: भारतवर्ष! समुद्र और सिन्धु नदी के संगम पर जाकर वरुणतीर्थ में स्नान करो और शुद्ध मन से देवताओं, ऋषियों और पितरों का तर्पण करो। भरतकुलतिलक! ऐसा करने से मनुष्य दिव्य तेज से देदीप्यमान वरुणलोक को प्राप्त होता है। 68-69॥ | mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारतवर्ष! समुद्र और सिन्धु नदी के संगम पर जाकर वरुणतीर्थ में स्नान करो और शुद्ध मन से देवताओं, ऋषियों और पितरों का तर्पण करो। भरतकुलतिलक! ऐसा करने से मनुष्य दिव्य तेज से देदीप्यमान वरुणलोक को प्राप्त होता है। 68-69॥
India Go to the confluence of the ocean and the Indus river, take a bath in Varuntirtha and with a pure mind, offer offerings to the gods, sages and ancestors. Bharatkulatilak! By doing this, man reaches Varunlok, resplendent with divine radiance. 68-69॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥