Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.82.67: पुरुषरत्न कुरुनन्दन! जहाँ त्रिशूल से अंकित कमल दिखाई देते हैं, वहीं महादेवजी निवास करते हैं॥67॥   |   mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  3.82.67 
त्रिशूलाङ्कानि पद्मानि दृश्यन्ते कुरुनन्दन।
महादेवस्य सांनिध्यं तत्र वै पुरुषर्षभ॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
पुरुषरत्न कुरुनन्दन! जहाँ त्रिशूल से अंकित कमल दिखाई देते हैं, वहीं महादेवजी निवास करते हैं॥67॥
 
Purushratna Kurunandan! Where lotuses marked with trident are visible. That is where Mahadevji resides. 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)