Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.82.45: जो मनुष्य वहाँ शाकाहारी या फलाहार करके निवास करता है, वह परम कुमारलोक (कार्तिकेय के लोक) को जाता है। वहाँ से वह कण्व के आश्रम में जाता है, जो लोकों द्वारा पूजित और देवी लक्ष्मी द्वारा सेवित है। ॥45॥ | mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य वहाँ शाकाहारी या फलाहार करके निवास करता है, वह परम कुमारलोक (कार्तिकेय के लोक) को जाता है। वहाँ से वह कण्व के आश्रम में जाता है, जो लोकों द्वारा पूजित और देवी लक्ष्मी द्वारा सेवित है। ॥45॥
One who lives there by eating either vegetarian or fruit food goes to the supreme Kumaralok (the world of Kartikeya). From there he goes to the hermitage of Kanva, who is revered by the people and is served by Goddess Lakshmi. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥