Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.82.35-36h: पुष्कर में बारह वर्ष तक पवित्रता और नियमपूर्वक निवास करने से मनुष्य समस्त यज्ञों का फल प्राप्त कर ब्रह्मलोक को जाता है।   |   mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना  »  श्लोक 35-36h
 
 
श्लोक  3.82.35-36h 
उष्ट्वा द्वादश वर्षाणि पुष्करे नियत: शुचि:॥ ३५॥
क्रतून् सर्वानवाप्नोति ब्रह्मलोकं स गच्छति।
 
 
अनुवाद
पुष्कर में बारह वर्ष तक पवित्रता और नियमपूर्वक निवास करने से मनुष्य समस्त यज्ञों का फल प्राप्त कर ब्रह्मलोक को जाता है।
 
By residing in Pushkar with purity and discipline for twelve years, a man obtains the fruits of all the yagyas and goes to Brahmaloka. 35 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)