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mahabharat 3.82.31-32h: विशेषतः जो मनुष्य कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन पुष्कर तीर्थ में स्नान करने जाता है, वह ब्रह्मधाम में अनन्त लोकों को प्राप्त करता है । 31 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  3.82.31-32h 
कार्तिकीं तु विशेषेण योऽभिगच्छति पुष्करम्॥ ३१॥
प्राप्नुयात् स नरो लोकान् ब्रह्मण: सदनेऽक्षयान्।
 
 
अनुवाद
विशेषतः जो मनुष्य कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन पुष्कर तीर्थ में स्नान करने जाता है, वह ब्रह्मधाम में अनन्त लोकों को प्राप्त करता है । 31 1/2॥
 
Especially the person who goes to Pushkar Tirtha for bathing on the full moon day of Kartik month, attains the eternal worlds in Brahmadham. 31 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)