Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.82.22: विभो! आदित्य, वसु, रुद्र, साध्य, मरुद्गण, गंधर्व तथा अप्सराएँ भी वहाँ नित्य उपस्थित रहती हैं।   |   mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.82.22 
आदित्या वसवो रुद्रा: साध्याश्च समरुद्‍गणा:।
गन्धर्वाप्सरसश्चैव नित्यं संनिहिता विभो॥ २२॥
 
 
अनुवाद
विभो! आदित्य, वसु, रुद्र, साध्य, मरुद्गण, गंधर्व तथा अप्सराएँ भी वहाँ नित्य उपस्थित रहती हैं।
 
Vibho! Aditya, Vasu, Rudra, Sadhya, Marudgana, Gandharva and Apsaras also have daily presence there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)