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mahabharat 3.82.20: मनुष्य लोक में देवों के देव ब्रह्माजी का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थान है, जो 'पुष्कर' नाम से प्रसिद्ध है। इसमें केवल भाग्यशाली व्यक्ति ही प्रवेश कर सकता है।   |   mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.82.20 
नृलोके देवदेवस्य तीर्थं त्रैलोक्यविश्रुतम्।
पुष्करं नाम विख्यातं महाभाग: समाविशेत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
मनुष्य लोक में देवों के देव ब्रह्माजी का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थान है, जो 'पुष्कर' नाम से प्रसिद्ध है। इसमें केवल भाग्यशाली व्यक्ति ही प्रवेश कर सकता है।
 
In the human world, there is a famous pilgrimage place of the God of gods, Brahmaji, which is famous by the name of 'Pushkar'. Only a fortunate person can enter it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)