Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.82.2: हे निष्पाप पुत्र! तुम पितृभक्ति पर आधारित ऐसे महान धर्म का पालन कर रहे हो। इसी के प्रभाव से तुम मुझे देख पा रहे हो और मेरा तुम्हारे प्रति अत्यन्त प्रेम हो गया है॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे निष्पाप पुत्र! तुम पितृभक्ति पर आधारित ऐसे महान धर्म का पालन कर रहे हो। इसी के प्रभाव से तुम मुझे देख पा रहे हो और मेरा तुम्हारे प्रति अत्यन्त प्रेम हो गया है॥ 2॥
O sinless son! You are following such a great religion based on devotion to your father. Due to this influence, you are able to see me and I have developed a lot of love for you.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥