Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.82.103-104: वहाँ त्रिशूलपाणि भगवान शिव का स्थान है, जो तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। देविका में स्नान करके भगवान महेश्वर का पूजन और यथाशक्ति उनकी प्रार्थना करने से मनुष्य समस्त कामनाओं से युक्त यज्ञ का फल प्राप्त करता है। 103-104॥ | mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ त्रिशूलपाणि भगवान शिव का स्थान है, जो तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। देविका में स्नान करके भगवान महेश्वर का पूजन और यथाशक्ति उनकी प्रार्थना करने से मनुष्य समस्त कामनाओं से युक्त यज्ञ का फल प्राप्त करता है। 103-104॥
There Trishulpani is the place of Lord Shiva, which is famous in all the three worlds. By taking bath in Devika, worshiping Lord Maheshwar and praying to him as per one's capacity, one gets the fruits of the Yagya rich with all the wishes. 103-104॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥