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नित्यं हि पुरुषव्याघ्रा वन्याहारमरिंदमा:।
उपाकृत्य उपाहृत्य ब्राह्मणेभ्यो न्यवेदयन्॥ ९॥
अनुवाद
वे श्रेष्ठ पुरुष और शत्रुओं का नाश करने वाले पाण्डव प्रतिदिन ब्राह्मणों के लिए जंगली फल और मूल आदि भोजन एकत्रित करते थे और उन्हें भोजन कराते थे।
Those best of men and destroyer of enemies, the Pandavas, used to collect food consisting of wild fruits and roots for the Brahmins and offer them food every day.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥