Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.80.16: महाराज! इस प्रकार विलाप करती हुई द्रौपदी के वचन सुनकर शत्रुवीरों का संहार करने वाले भीमसेन ने उससे इस प्रकार कहा।   |   mahabharat अध्याय 3.80: अर्जुनके लिये द्रौपदीसहित पाण्डवोंकी चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनके लिये द्रौपदीसहित पाण्डवोंकी चिन्ता  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.80.16 
तथा लालप्यमानां तां निशम्य परवीरहा।
भीमसेनो महाराज द्रौपदीमिदमब्रवीत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इस प्रकार विलाप करती हुई द्रौपदी के वचन सुनकर शत्रुवीरों का संहार करने वाले भीमसेन ने उससे इस प्रकार कहा।
 
Maharaj! On hearing the words of Draupadi who was lamenting in this manner, Bhimasena, the slayer of enemy warriors, spoke to her as follows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)