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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनके लिये द्रौपदीसहित पाण्डवोंकी चिन्ता  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.80.11 
विशेषतस्तु पाञ्चाली स्मरन्ती मध्यमं पतिम्।
उद्विग्नं पाण्डवश्रेष्ठमिदं वचनमब्रवीत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
विशेषतः पांचाल राजकुमारी द्रौपदी ने अपने मध्यम पति अर्जुन का स्मरण करके सदैव चिन्तित पाण्डवप्रधान युधिष्ठिर से इस प्रकार कहा -॥11॥
 
In particular, Panchala princess Draupadi, remembering her middle husband Arjun, spoke to the ever-worried Pandava chief Yudhishthira in this manner -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)