vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 79: राजा नलके आख्यानके कीर्तनका महत्त्व, बृहदश्व मुनिका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा द्यूतविद्या और अश्वविद्याका रहस्य बताकर जाना
»
श्लोक d3
श्लोक
3.79.d3
युधिष्ठिर उवाच
कदा द्रक्ष्यामि वै भीम पार्थमत्र तवानुजम्।
मत्कृते हि कुरुश्रेष्ठस्तप्यते दुश्चरं तप:॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने कहा, "भीमसेन! मैं आपके छोटे भाई अर्जुन को कब देखूँगा? कौरवों में श्रेष्ठ अर्जुन मेरे लिए ही घोर तपस्या करता है।"
Yudhishthira said, "Bhimasena! When will I see your younger brother Arjuna? The best of the Kurus, Arjuna, performs very severe penance for me only."
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas