Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.79.6: हे भरतश्रेष्ठ! हे श्रेष्ठ पुरुष! शत्रुओं की राजधानी जीतने वाले राजा नल अपनी पत्नी सहित जुए के कारण इस महान संकट में पड़ गए। | mahabharat अध्याय 3.79: राजा नलके आख्यानके कीर्तनका महत्त्व, बृहदश्व मुनिका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा द्यूतविद्या और अश्वविद्याका रहस्य बताकर जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! हे श्रेष्ठ पुरुष! शत्रुओं की राजधानी जीतने वाले राजा नल अपनी पत्नी सहित जुए के कारण इस महान संकट में पड़ गए।
O best of the Bharatas! O most excellent man! King Nala, who had conquered the capital of his enemies, had fallen into such a great trouble along with his wife because of gambling.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥