Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.79.18: हे राजन! तुम्हें भय है कि कोई द्यूत-विद्या जानने वाला व्यक्ति मुझे पुनः द्यूत-क्रीड़ा के लिए बुलाएगा (तब मुझे पुनः पराजय का दुःख भोगना पड़ेगा)। मैं तुम्हारा वह भय दूर कर दूँगा॥18॥ | mahabharat अध्याय 3.79: राजा नलके आख्यानके कीर्तनका महत्त्व, बृहदश्व मुनिका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा द्यूतविद्या और अश्वविद्याका रहस्य बताकर जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! तुम्हें भय है कि कोई द्यूत-विद्या जानने वाला व्यक्ति मुझे पुनः द्यूत-क्रीड़ा के लिए बुलाएगा (तब मुझे पुनः पराजय का दुःख भोगना पड़ेगा)। मैं तुम्हारा वह भय दूर कर दूँगा॥18॥
O King! You are afraid that some person having knowledge of the art of gambling will again call me for gambling (in that case I will again have to face the pain of defeat). I will dispel that fear of yours.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥