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mahabharat 3.79.15-16h: जो मनुष्य राजा नल की इस महान कथा को कहेंगे या सुनेंगे, वे कभी दरिद्र नहीं होंगे। उनकी सभी इच्छाएँ पूर्ण होंगी और वे इस लोक में धन्य हो जाएँगे ॥15 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.79: राजा नलके आख्यानके कीर्तनका महत्त्व, बृहदश्व मुनिका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा द्यूतविद्या और अश्वविद्याका रहस्य बताकर जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 79: राजा नलके आख्यानके कीर्तनका महत्त्व, बृहदश्व मुनिका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा द्यूतविद्या और अश्वविद्याका रहस्य बताकर जाना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  3.79.15-16h 
ये चेदं कथयिष्यन्ति नलस्य चरितं महत्।
श्रोष्यन्ति चाप्यभीक्ष्णं वै नालक्ष्मीस्तान् भजिष्यति॥ १५॥
अर्थास्तस्योपपत्स्यन्ते धन्यतां च गमिष्यति।
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य राजा नल की इस महान कथा को कहेंगे या सुनेंगे, वे कभी दरिद्र नहीं होंगे। उनकी सभी इच्छाएँ पूर्ण होंगी और वे इस लोक में धन्य हो जाएँगे ॥15 1/2॥
 
Those who will narrate or listen to this great story of King Nala will never be poor. All their wishes will be fulfilled and they will become blessed in this world. ॥15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)