श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 79: राजा नलके आख्यानके कीर्तनका महत्त्व, बृहदश्व मुनिका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा द्यूतविद्या और अश्वविद्याका रहस्य बताकर जाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.79.10 
कर्कोटकस्य नागस्य दमयन्त्या नलस्य च।
ऋतुपर्णस्य राजर्षे: कीर्तनं कलिनाशनम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
कर्कोटक नाग, दमयन्ती, नल और राजा ऋतुपर्ण की चर्चा कलियुग के पाप नष्ट करने वाली है॥10॥
 
The discussion of the serpent Karkotaka, Damayanti, Nala and the king Rituparna will destroy the evils of the Kali-yuga.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)