Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.78.8: 'यदि आप पासों से जुआ नहीं खेलना चाहते, तो युद्ध का जुआ बाणों से ही आरम्भ करना चाहिए। राजन! द्वन्द्व संघर्ष से आपकी या मेरी शांति हो।' 8॥ | mahabharat अध्याय 3.78: राजा नलका पुष्करको जूएमें हराना और उसको राजधानीमें भेजकर अपने नगरमें प्रवेश करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न चेद् वाञ्छसि त्वं द्यूतं युद्धद्यूतं प्रवर्तताम्।
द्वैरथेनास्तु वै शान्तिस्तव वा मम वा नृप॥ ८॥
अनुवाद
'यदि आप पासों से जुआ नहीं खेलना चाहते, तो युद्ध का जुआ बाणों से ही आरम्भ करना चाहिए। राजन! द्वन्द्व संघर्ष से आपकी या मेरी शांति हो।' 8॥
'If you do not want to gamble with dice then the gambling of war should begin with arrows. Rajan! May there be peace for you or me through dual conflict. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥