श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 78: राजा नलका पुष्करको जूएमें हराना और उसको राजधानीमें भेजकर अपने नगरमें प्रवेश करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.78.7 
जित्वा परस्वमाहृत्य राज्यं वा यदि वा वसु।
प्रतिपाण: प्रदातव्य: परमो धर्म उच्यते॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'यदि तुम जुए में किसी दूसरे का राज्य या धन जीत लो और उसे अपने पास रख लो, और यदि वह फिर खेलना चाहे, तो उसे उसका बदला अवश्य दो। यह परम धर्म कहा गया है। ॥7॥
 
'If in gambling you win someone else's kingdom or wealth and keep it, if he wishes to play again, you must give him a return bet. This is said to be the supreme religion. ॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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