श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 78: राजा नलका पुष्करको जूएमें हराना और उसको राजधानीमें भेजकर अपने नगरमें प्रवेश करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.78.10 
द्वयोरेकतरे बुद्धि: क्रियतामद्य पुष्कर।
कैतवेनाक्षवत्यां तु युद्धे वा नाम्यतां धनु:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
पुष्कर ! आज तुम दोनों में से किसी एक पर ध्यान दो। या तो कपटपूर्वक जुआ खेलो, या युद्ध के लिए धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाओ।॥10॥
 
‘Pushkar! Today you should concentrate on one of the two. Either play gambling fraudulently or string the bow for war.’॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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