Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.77.6-7: विदर्भ नरेश ने कुण्डिनपुर को झण्डों और पताकाओं की पंक्तियों से सुसज्जित किया। सड़कें अच्छी तरह से झाड़-पोंछकर सींची गईं। उन्हें फूलों से सजाया गया। नगरवासियों के हर द्वार पर सुगंध फैलाने के लिए ढेर सारे फूल बिखेरे गए। | mahabharat अध्याय 3.77: नलके प्रकट होनेपर विदर्भनगरमें महान् उत्सवका आयोजन, ऋतुपर्णके साथ नलका वार्तालाप और ऋतुपर्णका नलसे अश्वविद्या सीखकर अयोध्या जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदर्भ नरेश ने कुण्डिनपुर को झण्डों और पताकाओं की पंक्तियों से सुसज्जित किया। सड़कें अच्छी तरह से झाड़-पोंछकर सींची गईं। उन्हें फूलों से सजाया गया। नगरवासियों के हर द्वार पर सुगंध फैलाने के लिए ढेर सारे फूल बिखेरे गए।
The Vidarbha king adorned Kundinpur with rows of flags and banners. The roads were thoroughly swept and sprinkled. They were decorated with flowers. A lot of flowers were strewn at every door of the city dwellers to spread fragrance. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥