Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.77.3-4h: राजा भीम ने बड़ी प्रसन्नता से नल को अपना पुत्र स्वीकार किया और नल तथा पतिव्रता स्त्री दमयन्ती का यथोचित आदर-सत्कार किया तथा उन्हें आश्वासन दिया ॥3 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.77: नलके प्रकट होनेपर विदर्भनगरमें महान् उत्सवका आयोजन, ऋतुपर्णके साथ नलका वार्तालाप और ऋतुपर्णका नलसे अश्वविद्या सीखकर अयोध्या जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा भीम ने बड़ी प्रसन्नता से नल को अपना पुत्र स्वीकार किया और नल तथा पतिव्रता स्त्री दमयन्ती का यथोचित आदर-सत्कार किया तथा उन्हें आश्वासन दिया ॥3 1/2॥
King Bhima very happily accepted Nala as his son and treated Nala and the devoted wife Damayanti with due respect and assured them. ॥ 3 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥