श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.76.5 
एवमुक्ता तु वैदर्भ्या सा देवी भीममब्रवीत्।
दुहितुस्तमभिप्रायमन्वजानात् स पार्थिव:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
दमयंती के ऐसा कहने पर रानी ने विदर्भ के राजा भीम को अपनी पुत्री का आशय बताया। राजा ने सारी बात सुनकर अनुमति दे दी।
 
When Damayanti said this, the Queen told her daughter's intention to King Bhima of Vidarbha. After listening to everything, the King gave his permission.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)