श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  3.76.48 
ततोऽब्रवीन्महाराज: कृतशौचमहं नलम्।
दमयन्त्या सहोपेतं कल्ये द्रष्टा सुखोषितम्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
तब राजा भीम ने कहा, "नल को आज यहीं सुखपूर्वक रहने दो। कल प्रातःकाल मैं स्नान आदि से शुद्ध होकर दमयन्ती सहित नल से मिलूँगा।"
 
Then King Bhima said, 'Let Nala stay here happily today. Tomorrow morning I will meet Nala along with Damayanti after purifying myself with a bath etc.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)