श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  3.76.43 
स्वरूपिणं तु भर्तारं दृष्ट्वा भीमसुता तदा।
प्राक्रोशदुच्चैरालिङ्गॺ पुण्यश्लोकमनिन्दिता॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
अपने पति धर्मात्मा राजा नल को वास्तविक रूप में आया देखकर पतिव्रता दमयन्ती ने उन्हें गले लगा लिया और जोर-जोर से रोने लगी।
 
Seeing her husband, the virtuous King Nala, appear in his real form, the chaste and virtuous Damayanti embraced him and started crying loudly. 43.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)