श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  3.76.41 
तदद्‍भुतमयं दृष्ट्वा नलो राजाथ भारत।
दमयन्त्यां विशङ्कां तामुपाकर्षदरिंदम:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! यह अद्भुत दृश्य देखकर शत्रुघ्न के रक्षक राजा नल ने दमयन्ती के प्रति जो संदेह किया था, वह त्याग दिया।
 
Yudhishthira! Having seen this wonderful sight, King Nala, the protector of Shatrughan, gave up the doubts he had against Damayanti. 41.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)