Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.76.4: ‘माता! या तो बाहुक को महल में बुला लो, या मुझे बाहुक के पास जाने दो। पिता को बताकर या बिना बताए, तुम अपनी इच्छानुसार यह व्यवस्था कर सकती हो।’॥4॥ | mahabharat अध्याय 3.76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स वा प्रवेश्यतां मातर्मां वानुज्ञातुमर्हसि।
विदितं वाथवा ज्ञातं पितुर्मे संविधीयताम्॥ ४॥
अनुवाद
‘माता! या तो बाहुक को महल में बुला लो, या मुझे बाहुक के पास जाने दो। पिता को बताकर या बिना बताए, तुम अपनी इच्छानुसार यह व्यवस्था कर सकती हो।’॥4॥
‘Mother! Either call Bahuk to the palace or allow me to go near Bahuk. You can arrange this according to your wish by informing father or without informing him.’॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥