श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.76.39 
उपपन्ना त्वया भैमी त्वं च भैम्या महीपते।
नात्र शङ्का त्वया कार्या संगच्छ सह भार्यया॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
'राजन्! भीम की पुत्री दमयंती आपके योग्य है और आप दमयंती के योग्य हैं। आपको उसके चरित्र पर कोई संदेह नहीं करना चाहिए। निःसंदेह होकर अपनी पत्नी से मिलिए।'
 
'King! Bhim's daughter Damayanti is worthy of you and you are worthy of Damayanti. You should not have any doubts about her character. Meet your wife without any doubts.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)