श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  3.76.36 
एवमुक्तस्तथा वायुरन्तरिक्षादभाषत।
नैषा कृतवती पापं नल सत्यं ब्रवीमि ते॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
दमयंती के ऐसा कहने पर अंतरिक्ष से वायुदेव बोले, 'नल! मैं तुमसे सत्य कहता हूँ। इस दमयंती ने कभी कोई पाप नहीं किया है।'
 
When Damayanti said this, the Vayu deity from the space said, 'Nala! I am telling you the truth. This Damayanti has never committed any sin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)