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चन्द्रमा: सर्वभूतानामन्तश्चरति साक्षिवत्।
स मुञ्चतु मम प्राणान् यदि पापं चराम्यहम्॥ ३४॥
अनुवाद
मन के अभिमानी देवता चन्द्रमा समस्त प्राणियों के अन्तःकरण में साक्षी होकर विचरण करते हैं। यदि मैंने कोई पाप किया हो, तो वे मेरे प्राण हर लें ॥ 34॥
The proud god of the mind, the Moon, roams in the conscience of all beings as a witness. If I have committed a sin, then let him take away my life. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥