अयं चरति लोकेऽस्मिन् भूतसाक्षी सदागति:।
एष मे मुञ्चतु प्राणान् यदि पापं चराम्यहम्॥ ३२॥
अनुवाद
ये सदा गतिमान वायुदेवता इस जगत् में निरन्तर विचरण करते रहते हैं, अतः ये समस्त प्राणियों के साक्षी हैं। यदि मैंने कोई पाप किया हो, तो ये मेरे प्राण ले लें ॥ 32॥
This ever-moving Vayu Devta (god of wind) keeps roaming in this world continuously, hence he is the witness of all beings. If I have committed a sin, then he should take away my life. ॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)