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mahabharat 3.76.29: उन्होंने वहाँ मेरी बात प्रस्तुत की और आपसे प्राप्त सही उत्तर भी ले आए। हे निषादराज! इसके बाद मैंने आपको यहाँ बुलाने का यह उपाय सोचा (ऋतुपर्ण को एक दिन बाद होने वाले स्वयंवर की सूचना देकर)।   |   mahabharat अध्याय 3.76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.76.29 
तेन वाक्ये कृते सम्यक् प्रतिवाक्ये तथाऽऽहृते।
उपायोऽयं मया दृष्टो नैषधानयने तव॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने वहाँ मेरी बात प्रस्तुत की और आपसे प्राप्त सही उत्तर भी ले आए। हे निषादराज! इसके बाद मैंने आपको यहाँ बुलाने का यह उपाय सोचा (ऋतुपर्ण को एक दिन बाद होने वाले स्वयंवर की सूचना देकर)।
 
He presented my matter there and brought the correct answer received from you. O King of Nishad! After this, I thought of this way to call you here (by informing Rituparna about the swayamvara to be held after one day).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)