श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.76.25 
दमयन्ती तु तच्छ्रुत्वा नलस्य परिदेवितम्।
प्राञ्जलिर्वेपमाना च भीता वचनमब्रवीत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
नलक का विलाप सुनकर दमयन्ती काँप उठी और भयभीत होकर हाथ जोड़कर ये वचन कहने लगी।
 
Damayanti trembled at hearing Nalaka's lamentation, and being frightened, with folded hands spoke these words.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)