Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.75.8: केशिनी बोली - दमयन्ती! उसका प्रत्येक आचरण अत्यन्त पवित्र है। मैंने ऐसा पुरुष न तो कहीं देखा है, न सुना है।   |   mahabharat अध्याय 3.75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.75.8 
केशिन्युवाच
दृढं शुच्युपचारोऽसौ न मया मानुष: क्वचित्।
दृष्टपूर्व: श्रुतो वापि दमयन्ति तथाविध:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
केशिनी बोली - दमयन्ती! उसका प्रत्येक आचरण अत्यन्त पवित्र है। मैंने ऐसा पुरुष न तो कहीं देखा है, न सुना है।
 
Keshini said - Damayanti! His every behaviour is extremely pious. I have neither seen nor heard of such a man anywhere before.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)