Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.75.6-7h: दमयन्ती के ऐसा कहने पर केशिनी पुनः वहाँ गई और घुड़सवारी में निपुण बाहुक के लक्षण देखकर पुनः लौट आई। | mahabharat अध्याय 3.75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दमयन्त्यैवमुक्ता सा जगामाथ च केशिनी॥ ६॥
निशम्याथ हयज्ञस्य लिङ्गानि पुनरागमत्।
अनुवाद
दमयन्ती के ऐसा कहने पर केशिनी पुनः वहाँ गई और घुड़सवारी में निपुण बाहुक के लक्षण देखकर पुनः लौट आई।
Upon Damayanti saying this, Keshini went there again, and after observing the characteristics of Bahuka, who was an expert in horsemanship, she came back again. 6 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥