Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.75.5-6h: बाहुक के इन सब लक्षणों का पुनरावलोकन करके मुझे सब कुछ बताओ। यदि बाहुक में तुम्हें कोई दैवी या मानव-सदृश गुण दिखाई दे, तथा अन्य कोई गुण दिखाई दे, तो उस पर भी दृष्टि रखो और आकर मुझे बताओ।॥5 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बाहुक के इन सब लक्षणों का पुनरावलोकन करके मुझे सब कुछ बताओ। यदि बाहुक में तुम्हें कोई दैवी या मानव-सदृश गुण दिखाई दे, तथा अन्य कोई गुण दिखाई दे, तो उस पर भी दृष्टि रखो और आकर मुझे बताओ।॥5 1/2॥
‘After reviewing all these characteristics of Bahuk, then tell me everything. If you see any divine or human-like quality in Bahuk and if you notice any other quality, then keep an eye on that too and come and tell me.’॥ 5 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥