Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.75.28: 'भली स्त्री ! आप बार-बार आती-जाती रहती हैं, इससे लोगों को कुछ न कुछ दोष अवश्य लगेगा और हम लोग इस देश के अतिथि हैं; अतः आप आराम से महल में जा सकती हैं ॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 3.75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'भली स्त्री ! आप बार-बार आती-जाती रहती हैं, इससे लोगों को कुछ न कुछ दोष अवश्य लगेगा और हम लोग इस देश के अतिथि हैं; अतः आप आराम से महल में जा सकती हैं ॥ 28॥
'Good lady! You keep coming and going so often, people will suspect some fault and we are guests of this country; therefore you may go to the palace comfortably.'॥ 28॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि नलोपाख्यानपर्वणि कन्यापुत्रदर्शने पञ्चसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत नलोपाख्यानपर्वमें नलका अपनी पुत्री और पुत्रके देखनेसे सम्बन्ध रखनेवाला पचहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥