Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.75.23-26: उसे खाकर वह इस निष्कर्ष पर पहुँची कि सारथी बाहुक ही वास्तव में राजा नल है। तब वह अत्यन्त दुःखी होकर विलाप करने लगी। उस समय उसकी चिन्ता बहुत बढ़ गई। भरत! तब उसने मुँह धोकर अपने बच्चों को केशिनी के साथ बाहुक के पास भेज दिया। बाहुक वेशधारी राजा नल ने इन्द्रसेन और अपने भाई इन्द्रसेन को पहचान लिया और दौड़कर दोनों बालकों को गले लगा लिया और गोद में ले लिया। देवताओं के पुत्रों के समान सुन्दर उन दोनों बालकों को पाकर निषादराज नल अत्यन्त दुःखी हुए और जोर-जोर से रोने लगे। उन्होंने बार-बार अपने मनोविकार प्रकट किए और सहसा दोनों बालकों को छोड़कर केशिनी से इस प्रकार कहा -॥23-26॥ | mahabharat अध्याय 3.75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे खाकर वह इस निष्कर्ष पर पहुँची कि सारथी बाहुक ही वास्तव में राजा नल है। तब वह अत्यन्त दुःखी होकर विलाप करने लगी। उस समय उसकी चिन्ता बहुत बढ़ गई। भरत! तब उसने मुँह धोकर अपने बच्चों को केशिनी के साथ बाहुक के पास भेज दिया। बाहुक वेशधारी राजा नल ने इन्द्रसेन और अपने भाई इन्द्रसेन को पहचान लिया और दौड़कर दोनों बालकों को गले लगा लिया और गोद में ले लिया। देवताओं के पुत्रों के समान सुन्दर उन दोनों बालकों को पाकर निषादराज नल अत्यन्त दुःखी हुए और जोर-जोर से रोने लगे। उन्होंने बार-बार अपने मनोविकार प्रकट किए और सहसा दोनों बालकों को छोड़कर केशिनी से इस प्रकार कहा -॥23-26॥
After eating it, she came to the conclusion that charioteer Bahuk was actually King Nala. Then she became very sad and started wailing. At that time her anxiety increased a lot. Bhaarat! Then she washed her face and sent her children with Keshini to Bahuk. King Nala in the guise of Bahuk recognized Indrasena and his brother Indrasen and ran and hugged both the children and took them in his lap. On getting those two beautiful children like the sons of the gods, Nishadraj Nala became very sad and started crying loudly. He repeatedly showed his mental disorders and suddenly leaving both the children, said to Keshini in this manner -॥23-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥