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mahabharat 3.75.10-11: सीमित स्थान में भी उसके लिए एक बड़ा स्थान बना दिया गया है। राजा भीम ने ऋतुपर्ण के लिए अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ भेजे थे। उनमें केले आदि फलों का गूदा भी बड़ी मात्रा में था।* उसे धोने के लिए खाली घड़े भी रखे गए थे।   |   mahabharat अध्याय 3.75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 75: दमयन्तीके आदेशसे केशिनीद्वारा बाहुककी परीक्षा तथा बाहुकका अपने लड़के-लड़कियोंको देखकर उनसे प्रेम करना  »  श्लोक 10-11
 
 
श्लोक  3.75.10-11 
संकटेऽप्यस्य सुमहान् विवरो जायतेऽधिक:।
ऋतुपर्णस्य चार्थाय भोजनीयमनेकश:॥ १०॥
प्रेषितं तत्र राज्ञा तु मांसं चैव प्रभूतवत्।
तस्य प्रक्षालनार्थाय कुम्भास्तत्रोपकल्पिता:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
सीमित स्थान में भी उसके लिए एक बड़ा स्थान बना दिया गया है। राजा भीम ने ऋतुपर्ण के लिए अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ भेजे थे। उनमें केले आदि फलों का गूदा भी बड़ी मात्रा में था।* उसे धोने के लिए खाली घड़े भी रखे गए थे।
 
Even in a confined space, a large space is created for him. King Bhima had sent many kinds of food items for Rituparna. It also contained a large quantity of pulp of fruits like banana etc.* Empty pitchers were kept there for washing it. 10-11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)