Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.73.7: हे राजन! रथ की ध्वनि सुनकर हाथी और मोर ने सिर उठाया और उसी उत्सुकता से बोलने लगे, जैसे वे बादलों के गरजने पर बोलते हैं। | mahabharat अध्याय 3.73: ऋतुपर्णका कुण्डिनपुरमें प्रवेश, दमयन्तीका विचार तथा भीमके द्वारा ऋतुपर्णका स्वागत । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! रथ की ध्वनि सुनकर हाथी और मोर ने सिर उठाया और उसी उत्सुकता से बोलने लगे, जैसे वे बादलों के गरजने पर बोलते हैं।
O King! On hearing the sound of the chariot, the elephant and the peacock raised their heads and began to speak in the same eager voice as they do when the clouds rumble.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥