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श्लोक 3.73.36  |
एवं सा तर्कयित्वा तु दमयन्ती विशाम्पते।
दूतीं प्रस्थापयामास नैषधान्वेषणे शुभा॥ ३६॥ |
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| अनुवाद |
| युधिष्ठिर! ऐसा विचार करके शुभ्र दमयन्ती ने नल को ढूँढ़ने के लिए अपना दूत भेजा। |
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| Yudhishthira! Having thought thus, the auspicious Damayanti sent her messenger to find Nala. |
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इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि नलोपाख्यानपर्वणि ऋतुपर्णस्य भीमपुरप्रवेशे त्रिसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत नलोपाख्यानपर्वमें ऋतुपर्णका राजा भीमके नगरमें प्रवेशविषयक तिहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७३॥
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