vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 73: ऋतुपर्णका कुण्डिनपुरमें प्रवेश, दमयन्तीका विचार तथा भीमके द्वारा ऋतुपर्णका स्वागत
»
श्लोक 29
श्लोक
3.73.29
विश्राम्यतामित्युवाच क्लान्तोऽसीति पुन: पुन:।
स सत्कृत: प्रहृष्टात्मा प्रीत: प्रीतेन पार्थिव:॥ २९॥
अनुवाद
उन्होंने कहा, ‘आप बहुत थक गए होंगे, इसलिए कृपया थोड़ा आराम कर लीजिए।’ विदर्भ नरेश का गर्मजोशी से स्वागत पाकर राजा ऋतुपर्ण बहुत प्रसन्न हुए।
He said, 'You must be very tired, so please take some rest.' King Rituparna was very pleased to receive the warm welcome of the King of Vidarbha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×