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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 73: ऋतुपर्णका कुण्डिनपुरमें प्रवेश, दमयन्तीका विचार तथा भीमके द्वारा ऋतुपर्णका स्वागत
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श्लोक 22
श्लोक
3.73.22
किं कार्यं स्वागतं तेऽस्तु राज्ञा पृष्ट: स भारत॥ २२॥
अनुवाद
भरतपुत्र युधिष्ठिर! विदर्भराज ने ऋतुपर्ण का स्वागत करके उनसे पूछा - 'आपके यहाँ आने का क्या कारण है?'॥ 22॥
Bharata's son Yudhishthira! The King of Vidarbha welcomed Rituparna and asked him, 'What is the reason for your visit here?'॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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