श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 73: ऋतुपर्णका कुण्डिनपुरमें प्रवेश, दमयन्तीका विचार तथा भीमके द्वारा ऋतुपर्णका स्वागत  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.73.16 
एवं विलपमाना सा नष्टसंज्ञेव भारत।
आरुरोह महद् वेश्म पुण्यश्लोकदिदृक्षया॥ १६॥
 
 
अनुवाद
भरत! इस प्रकार विलाप करती हुई दमयन्ती अचेत हो गई। पवित्र नल के दर्शन की इच्छा से वह ऊँचे महल की छत पर चढ़ गई।
 
Bhaarat! Lamenting thus Damayanti became unconscious. Desiring to see the holy Nala she climbed to the roof of the high palace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)