श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 73: ऋतुपर्णका कुण्डिनपुरमें प्रवेश, दमयन्तीका विचार तथा भीमके द्वारा ऋतुपर्णका स्वागत  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.73.12 
यदि मां सिंहविक्रान्तो मत्तवारणविक्रम:।
नाभिगच्छति राजेन्द्रो विनङ्क्ष्यामि न संशय:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यदि सिंह के समान बलवान और उन्मत्त हाथी की चाल से चलने वाले राजा नल मेरे पास न आएँ, तो मैं आज ही अपने जीवन का नाश कर दूँगा, इसमें मुझे तनिक भी संदेह नहीं है॥12॥
 
If King Nala, who is as powerful as a lion and walks with the gait of a mad elephant, does not come to me, I will destroy my life today, I have no doubt about it. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)