Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.73.11: यदि आज निषाद देश के स्वामी महाराज नल अपने रथ पर सवार होकर मेघ के समान गर्जना करते हुए मेरे पास न आएँ, तो मैं सुवर्ण के समान चमकती हुई प्रज्वलित अग्नि में प्रवेश कर जाऊँगा॥11॥ | mahabharat अध्याय 3.73: ऋतुपर्णका कुण्डिनपुरमें प्रवेश, दमयन्तीका विचार तथा भीमके द्वारा ऋतुपर्णका स्वागत । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि मां मेघनिर्घोषो नोपगच्छति नैषध:।
अद्य चामीकरप्रख्यं प्रवेक्ष्यामि हुताशनम्॥ ११॥
अनुवाद
यदि आज निषाद देश के स्वामी महाराज नल अपने रथ पर सवार होकर मेघ के समान गर्जना करते हुए मेरे पास न आएँ, तो मैं सुवर्ण के समान चमकती हुई प्रज्वलित अग्नि में प्रवेश कर जाऊँगा॥11॥
If Maharaja Nala, the Lord of Nishadesh, who roars like a cloud in his chariot, does not come to me today, then I will enter the blazing fire shining like gold. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥