Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.72.38: तत्पश्चात् कलियुग भयभीत होकर बहेड़े के वृक्ष में अन्तर्धान हो गया। जब वह निषादराज नल से बातें कर रहा था, तब अन्य लोग उसे देख नहीं पाए। 38. | mahabharat अध्याय 3.72: ऋतुपर्णके उत्तरीय वस्त्र गिरने और बहेड़ेके वृक्षके फलोंको गिननेके विषयमें नलके साथ ऋतुपर्णकी बातचीत, ऋतुपर्णसे नलको द्यूतविद्याके रहस्यकी प्राप्ति और उनके शरीरसे कलियुगका निकलना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् कलियुग भयभीत होकर बहेड़े के वृक्ष में अन्तर्धान हो गया। जब वह निषादराज नल से बातें कर रहा था, तब अन्य लोग उसे देख नहीं पाए। 38.
Thereafter Kaliyuga became frightened and immediately disappeared into the baheda tree. While he was talking with Nishadraj Nala, other people were not able to see him. 38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥