श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.70.8 
वैषम्यमपि सम्प्राप्ता गोपायन्ति कुलस्त्रिय:।
आत्मानमात्मना सत्यो जित: स्वर्गो न संशय:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
कुलीन कुल की स्त्रियाँ महान् संकट में भी अपनी रक्षा करती हैं। ऐसा करके वे सत्य और स्वर्ग दोनों पर विजय प्राप्त करती हैं, इसमें संशय नहीं है॥8॥
 
‘Women of noble families protect themselves even when faced with great danger. By doing so they achieve victory over both truth and heaven, there is no doubt about this.॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)