Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.70.6: वह राजा ऋतुपर्ण का सारथी है। उसकी भुजाएँ छोटी हैं और वह देखने में कुरूप है। वह घोड़ों को तेज़ चलाने में कुशल है और अपने बनाए भोजन में बहुत मिठास डालता है॥6॥ | mahabharat अध्याय 3.70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सूतस्तस्य नरेन्द्रस्य विरूपो ह्रस्वबाहुक:।
शीघ्रयानेषु कुशलो मृष्टकर्ता च भोजने॥ ६॥
अनुवाद
वह राजा ऋतुपर्ण का सारथी है। उसकी भुजाएँ छोटी हैं और वह देखने में कुरूप है। वह घोड़ों को तेज़ चलाने में कुशल है और अपने बनाए भोजन में बहुत मिठास डालता है॥6॥
‘He is the charioteer of King Rituparna. His arms are short and he is ugly to look at. He is skilled in driving horses fast and adds a lot of sweetness to the food he prepares.॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥