श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.70.26 
सूर्योदये द्वितीयं सा भर्तारं वरयिष्यति।
न हि स ज्ञायते वीरो नलो जीवति वा न वा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'कल सूर्योदय के पश्चात् वह दूसरा पति चुन लेगी, क्योंकि यह ज्ञात नहीं है कि वीर नल जीवित भी है या नहीं।'॥26॥
 
'Tomorrow after sunrise she will choose another husband, because it is not known whether the brave Nala is alive or not.'॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)